उत्‍तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था

उ० प्र० सरकार के अधीनस्थ स्वायतशासी संस्था

बीज परीक्षण

बीज परीक्षण प्रयोगशाला स्थापना की आवश्यकता

बीज प्रमाणीकरण प्राविधानों के अनुसार खेत स्तर पर प्रमाणीकरण योग्य घोषित बीज फसलों के उत्पाद के संसाधन के उपरान्त इसका परीक्षण किसी अधिसूचित बीज परीक्षण प्रयोगशाला से कराया जाना आवश्यक है। प्रयोगशाला से प्राप्त परीक्षण परिणामों का मिलान फसलवार निर्धारित बीज मानकों से किया जाता है तथा मानकों के अनुरूप परिणाम प्राप्त होने पर ही बीजों को अंतिम रूप से प्रमाणीकृत किया जाता है। वर्ष 1979-80 तक उ.प्र. राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था 34082.38 हे. क्षेत्र में उत्पादित 52999430 कुन्तल बीजों का प्रमाणीकरण करने लगी थी। अतः बीजों के परीक्षण की शीघ्रता एवं विश्वसनीयता की दृष्टि से संस्था द्वारा स्वयं की बीज परीक्षण प्रयोगशाला स्थापित करने का निर्णय लिया गया।

उद्देश्य

  • न्यादर्शों का परीक्षण समय से सुनिश्ति करना।
  • परीक्षण परिणामों में विश्वसनीयता सुनिश्चित करना।
  • बीज प्रमाणीकरण के सभी कार्यों हेतु संस्था को आत्मनिर्भर बनाना।
  • कृषकों को सर्विस न्यादर्श परीक्षण की सुविधा उपलब्ध कराना।

बीज परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना

भारतीय बीज अधिनियम 1966 की धारा-4 बी की उपधारा-2 के अधीन सर्वप्रथम एक बीज परीक्षण प्रयोगशाला फरवरी 1980 में लखनऊ में स्थापित की गयी बीज अधिनियम की तत्सम्बन्धी धारा के प्राविधान के अनुरूप फरवरी 1981 को इस प्रयोगशाला को शासन द्वारा राज्य बीज परीक्षण प्रयोगशाला के रूप में अधिसूचित किया गया।

तत्पश्चात् संस्था द्वारा 1993 कानपुर, 1993 बरेली, 2003 मुजफ्फरनगर एवं 2009 मऊ में भी बीज परीक्षण प्रयोगशाला की स्थापना की जा चुकी है। जो कि लगातार परीक्षण कार्य कर रही हैं।

परीक्षित किये जाने वाले न्यादर्श

संस्था द्वारा स्थापित बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं में अधिसूचित फसल प्रजातियों के प्रमाणीकरण वैधकरण सम्बन्धी न्यादर्शों एवं सर्विस न्यादर्शों का परीक्षण किया जाता है।

सम्पादित किये जाने वाले परीक्षण

संस्था द्वारा स्थापित बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं में निम्न परीक्षण सम्पन्न किये जाने की व्यवस्था है

  • भौतिक शुद्धता परीक्षण
  • जमाव क्षमता परीक्षण
  • रोग परीक्षण
  • पहचाने जाने योग्य अन्य प्रजातीय बीजों का आंकलन
  • नमी परीक्षण

बीज परीक्षण प्रगति

संस्था की बीज परीक्षण प्रयोगशालाओं में वर्षवार परीक्षित पाये गये न्यादर्शों का विवरण निम्नानुसार है