उत्‍तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था

उ० प्र० सरकार के अधीनस्थ स्वायतशासी संस्था

प्रमाणीकरण प्रक्रिया

कृषकों को बीजोत्पादन में निम्न सावधानियाँ बरतनी चाहिए:-

  • बुवाई से पूर्व बीज शोधन अवश्य किया जाना चाहिये।
  • बुवाई से पूर्व सीडड्रिल को भली भांति साफ कर लिया जाना चाहिये।
  • बुवाई के समय फसल हेतु निर्धारित पृथक्करण दूरी का ध्यान रखा जाना चाहिये।
  • अन्य प्रजातीय, अन्य फसलीय, आपत्तिजनक खरपतवार एवं रोग ग्रसित पौंधों का बीज फसल से निष्कासन प्रारम्भ से ही भली भांति किया जाना चाहिये।
  • प्रमाणीकरण संस्था के अधिकारी निरीक्षक समय-समय पर फसल का निरीक्षण करते है, परन्तु बीज उत्पादक/कृषक को प्रत्येक निर्देशित कार्य पूरी जिम्मेदारी व ईमानदारी के साथ करना नितांत आवश्यक है।
  • खेत स्तर पर फसल निरीक्षण के समय बीज प्रमाणीकरण निरीक्षक द्वारा निरीक्षण आख्या तैयार की जाती है| जिस पर उत्पादक संस्था के प्रतिनिधि/उत्पादक के हस्ताक्षर कराया जाता है| यदि फसल बीज प्रमाणीकरण मानकों के अनुरुप नहीं पायी जाती है, तो निरीक्षक द्वारा फसल को निरस्त कर दिया जाता है, जब उत्पादक द्वारा निरस्त फसल को रोगिग कर प्रमाणीकरण मानक के अनुरुप कर दिया जाता है(स्वयंसेवी फसल) तो पुनः निरीक्षण शुल्क अदा कर पुनः निरीक्षण के लिये अनुरोध किया जा सकता है।
  • कटाई से पूर्व कम्बाइन हार्वेस्टर को भली भांति साफ किया जाना चाहिये।
  • हाथ से काटी हुई फसल खुली न छोड़कर इसके गट्ठर बना दिये जाने चाहिये ताकि आंधी/तेज हवा चलने पर अन्य खेत की लाक आपस में न मिले ।
  • मड़ाई से पूर्व थ्रेसर एवं खलिहान भली भांति साफ किया जाना चाहिये।
  • अलग-अलग फसल/प्रजाति की मड़ाई अलग-अलग स्थान पर तथा साफ खलिहान में की जानी चाहिये।
  • भराई हेतु या तो नये बोरे प्रयोग में लाना चाहिये अथवा पुराने बोरो को भली भांति साफ करके तथा कीटनाशक से शोधित करके प्रयोग में लाना चाहिये।
  • भराई के बाद बोरों पर फसल व प्रजाति का नाम, उत्पादक का नाम/पंजीयन/कूटांक तथा बीज की श्रेणी अवश्य अंकित की जानी चाहिये। बीज की आपूर्ति प्रजातिवार अलग-अलग की जानी चाहिए।
  • खलिहान से बीज बोरों में भरकर बोरों पर उत्पादक का नाम एवं पंजीयन संख्या तथा फसल, किस्म लिखकर बोरों का मुँह बन्द कर बीज विधायन सयंत्र पर लाकर उसकी तुलाई आदि करवा कर प्रभारी से मात्रा की रसीद प्राप्त कर लें। ध्यान रखें कि बीज के साथ फसल निरीक्षण का अंतिम निरीक्षण प्रतिवेदन साथ लायें इसके बिना आपका बीज, विधायन सयंत्र प्रभारी स्वीकार नहीं करेगा।