उत्‍तर प्रदेश राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था

उ० प्र० सरकार के अधीनस्थ स्वायतशासी संस्था

प्रमाणीकरण प्रक्रिया

फसल पंजीयन

बीज उत्पादन कार्यक्रम में भाग लेने वाले कृषकों को राष्ट्रीय बीज निगम, उ प्र बीज विकास निगम, कृभको तथा निजी बीज उत्पादन संस्थाओं आदि से बुआई हेतु आधारीय या प्रमाणित श्रेणी का बीज क्रय करना होता है एवं फसल को उ.प्र. राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था में पंजीयन कराने हेतु आवेदन पत्र समय सीमा में निर्धारित शुल्क जमा कर रसीद/कैश मेमो तथा टैग आदि संलग्न कर जमा करना आवश्यक है। पंजीयन हेतु आनलाइन आवेदन पत्र के साथ बीज क्रय किये गये संस्थान की रसीद/कैश मेमो तथा टैग आदि संलग्न करना आवश्यक होता है तथा पंजीयन आवेदन पत्र के साथ कृषक की भूमि की खतौनी भी संलग्न की जानी आवश्यक है।

बीज फसलों का पंजीयन कराने हेतु निर्धारित समय सीमा

जायद - फसल की बोआई के 15 दिनों के अन्दर अथवा 15 अप्रैल तक जो भी पहले हो।

खरीफ - फसल की बोआई के 15 दिनों के अन्दर या 15 अगस्त तक जो भी पहले हो।

रवी - फसल की बोआई के 15 दिनों के अन्दर अथवा फसलवार निर्धारित तिथि जो भी पहले हो।

  • आलू, तोरिया, अरहर - 15 नवम्बर तक
  • राई, चना, मटर, मसूर - 15 दिसम्बर तक
  • अन्य फसलें - 15 जनवरी तक

प्रमाणन हेतु फसल स्थिति एवं शस्य क्रियायें

बीज प्रमाणीकरण के लिए फसल उगाते समय प्रत्येक उत्पादक/कृषक के लिए यह आवश्यक है कि वह संस्था द्वारा बताये गये कृषि संबंधी कार्य विधियों का पालन करें जैसे :-

  • खेत में बोई गई फसल एक ही किस्म की हो। मिश्रित खेती स्वीकार्य नहीं होगी।
  • खेत में एक ही श्रेणी तथा एक ही वंशानुगत पीढ़ी का बीज बोया गया हो।
  • पूरे खेत में फसल की आयु एवं बाढ़ समान हो।
  • अन्य फसलें अथवा किस्मों के बीज निर्धारित मानक अनुसार पर्याप्त पृथक्करण दूरी पर बोई गयी हो।
  • संकर किस्मों के बीजोत्पादन में नर एवं मादा पौधों की अलग-अलग पंक्तियां लगाई जाये। निर्धारित अनुपात नर मादा अनुपात का पालन किया जायें।
  • फसल को यथासंभव रोग एवं कीटों से सुरक्षित रखें।